Sonam Wangchuk Letter: 25 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने को लेकर अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह भरोसा देती है कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, ऐसा आश्वासन नहीं मिलने की स्थिति में उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है। सरकार से अपील सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को भेजे पत्र में कहा कि आंदोलन में शामिल युवाओं का उद्देश्य केवल निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग करना है। उनके अनुसार, इन छात्रों का कोई अपराध नहीं है, इसलिए उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। https://twitter.com/Wangchuk66/status/2079897220799950902 आश्वासन मिला तो खत्म होगा अनशन पत्र में वांगचुक ने कहा कि यदि केंद्र सरकार सार्वजनिक रूप से यह भरोसा देती है कि किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी के खिलाफ प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह इस विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त करेंगे कि सरकार ने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना है। पूरी दुनिया ने देखा छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की सख्ती और कथित बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उनके अनुसार, देश और दुनिया ने छात्रों के धैर्य, संयम और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की भावना को देखा। केंद्र के जवाब पर नजर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का अधिकार है और इस आंदोलन में शामिल युवाओं का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या प्रतिशोध से कमजोर नहीं होना चाहिए। वांगचुक के इस पत्र के बाद अब सभी की नजर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि सरकार छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई औपचारिक आश्वासन देती है या नहीं, क्योंकि उसी पर उनके लंबे समय से जारी अनशन का भविष्य निर्भर करेगा। ये भी पढ़ें: 152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित लेकिन किसी को सजा नहीं… राहुल गांधी ने उठाए बड़े सवाल